पाकिस्तान में होता है पोलियो की दवा देने वाली महिलाओं और उनकी बेटियों का खुलेआम रेप, आदमियों को गोली मार दी जाती है, बेटी के साथ मां-बाप के सामने किया जाता है रेप

हेडलाइडन पढ़ते ही आपका सिर चकरा गया होगा, लेकिन ये सिर्फ एक आर्टिकल नहीं, बल्कि वो कड़वी सच्चाई है जिसे जानने के बाद भी पाकिस्तानियों को ना तो शर्म आती है और ना ही अफसोस।

कुछ समय पहले History tv18 चैनल ने VICE नाम के विकली न्यूज डायरी शो में रिपोर्टर बेन एंडरसन (Ben Anderson) की पाकिस्तान की एक खौफनाक स्टोरी दिखाई। जिसमें दिखाया गया कि कैसे पाकिस्तान में पोलियो कैंपेन चलाने वाली महिलाओं के साथ रेप किया जाता है।

कैसे उनकी बेटियों को उनके ही मां-बाप के सामने रेप का शिकार बनाया जाता है। कैसे इस कैंपेन से जुड़े पुरुषों को गोली मार दी जाती है। क्यों पाकिस्तानी नहीं चाहते कि उनके बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाए। कई ऐसे पाकिस्तानियों को भी दिखाया गया जिसमें वो बड़ी मूर्खतापूर्ण तर्कों के साथ कह रहे हैं कि पोलियो की ड्रॉप देने वाली महिलाओं के साथ होने वाला रेप सही है।

वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें (खासतौर पर 01.00 मिनट से ध्यान से सुने की एक मां और उसकी बेटियों के साथ क्या हुआ)

polio3_natgeo-pakistan-03-adapt-590-1क्या है माजरा

पूरी दुनिया में पाकिस्तान और अफगानिस्तान दो ही ऐसे देश बचे हैं, जहां पोलियो आज भी एक बड़ी बिमारी है और इसे जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता है।

अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के मदद से पाकिस्तान की सरकार (वैसे तो सिर्फ कागजों पर है और पूरी तरह से नाकाम है) पोलियो वर्कर्स के जरीए घर घर जाकर बच्चों को पोलियो की दो बूंद देने का कैंपेन चलाती है। लेकिन इसमें एक नहीं सैकड़ों परेशानियां होती है। सिर्फ 300 रूपए रोजाना की कीमत पर काम करने वाली महिलाएं की इज्जत हमेशा खतरे में रहती है।

  1. पाकिस्तान में ज्यादा पुरूष इस कैंपेन से जोड़े नहीं जा सकते क्योंकि पाकिस्तान बहुत ही ज्यादा रूढ़िवादी देश है। अगर पुरूष व्यक्ति पोलियो ड्रॉप देने आता है तो घर की मुस्लिम महिलाएं दरवाजे पर नहीं आती और किसी बाहरी पुरुष से अपने बच्चे को ड्रॉप नहीं पिलवाती।
  2. ऐसे में जब महिलाएं जाती हैं तो उनको भी हमेशा बुर्खे में ही दूसरे के घर जाकर बच्चों को ड्रॉप देने होती है। अगर घर पर महिला नहीं है और पुरूष हैं, तो महिला पोलियो वर्कर्स बच्चे को ड्रॉप दिए बिना ही वापस चली जाती है।
  3. रूह कंपा देने वाली डरावनी बात ये कि अगर महिला पोलियो वर्कर्स किसी के घर पर जाकर पोलियो की ड्रॉप पिलाती है, तो उसकी इज्जत पर कभी भी हमला हो सकता है। पाकिस्तान में मुस्लिमों (मैं ऐसे लोगों को महामूर्ख कहना ज्यादा पसंद करूंगा।) का एक बड़ा धड़ा ऐसा भी है जो नहीं चाहता कि मुस्लिमों के बच्चे पोलियो की ड्रॉप लें। उनके मना करने पर भी अगर कोई महिला, पोलियो वर्कर बनती है, तो उसका खुलेआम आम रेप किया जाता है। फिर भी वो ना माने तो उसकी बेटियों को भी रेप किया जाता है। अगर फिर भी ना माने तो उसके शौहर को गोलियों से भून दिया जाता है। वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें (खासतौर पर 01.00 मिनट से ध्यान से सुने की एक मां और उसकी बेटियों के साथ क्या हुआ)

ऐसे भयानक रेप केस की बात, पाकिस्तान के बाहर किसी की भी रूंह का कंपा दे। लेकिन पाकिस्तान के अंदर पाकिस्तानियों को ये सब ठीक लगता है।

पाकिस्तानी क्यों नहीं चाहते अपने बच्चों को पोलियों की ड्रॉप पिलाना

मुस्लिमों को देश पाकिस्तनी अपनी अज्ञानता की कीमत चुका रहा है। पाकिस्तान में इस अफवाह को सच मान लिया गया है कि दुनिया के सबसे बड़े आतंकी ओसामा बिन लादेन को अमेरिका ने पोलियो जैसी ही 2 ड्रॉप देकर मारा था।

इसके साथ ही इनको ये भी लगता है कि दुश्मन देश पोलियो की ड्रॉप देकर उनके लोगों को नपुंसक बना देना चाहते हैं ताकि उनकी आबादी बढ़ना बंद हो जाए।

सिर्फ यही नहीं। पोलियो कैंपेन की गाड़ियों को भी बम से उड़ा दिया जाता है।

अब इन मूर्खों को कौन क्या समझाएं। जिन्होंने रोटी से ज्यादा बंदूक की गोली देखी है, वो कैसे समझेंगे कि पोलियो क्या है। इन मूर्खों को ये तक समझ नहीं आता कि इनके कितने ही मुस्लिम रिश्तेदार भारत में है। कम से कम उन्हीं से पूछ लें कि पोलिया से उनको कोई खतरा है या फायदा।

लेकिन कौन समझाए इस मूर्ख देश के मूर्ख बांशिंदों को। अगर इतनी ही समझ होती, तो धर्म के नाम पर बना ये देश आज दुनिया के सामने पूरी तरह से असफल लोकतांत्रिक देश साबित ना होता।

पोलियो की कहानी

पूरी दुनिया में 200 से ज्यादा देश हैं लेकिन सिर्फ 2 देश ऐसे हैं जो आज भी पोलियों से मुक्त नहीं हो पाये हैं। पहला पाकिस्तान और दूसरा अफगानिस्तान। भारत भी पोलियो मुक्त देश बन चुका है। 1988 में पोलियो मुक्त दुनिया बनाने की शुरुआत हुई और पाकिस्तान-अफगानिस्तान को छोड़ बाकी पूरी दुनिया ने ये सपना पूरा भी कर लिया। 1988 में ये कैंपेन शुरु हुआ था। उस समय दुनिया में 3 लाख 50 हजार पोलियोरोगी थे। लेकिन अब 2015 में सिर्फ 74 केस सामने आए हैं।

ऐसी पाकिस्तानी महिलाओं और पुरुषों को शत शत नमन, जो अपनी इज्जत और जान दोनों खतरे में डालकर मूर्ख देश के मूर्ख बांशिदों के बच्चों के भविष्य को बचाने के अपना वर्तमान बर्बाद कर रहे हैं।

मुझे उम्मीद ही नहीं पूरा भरोसा भी है कि पाकिस्तान की इस हरकतों को सही करार देने वाले कई लोग भारत में भी मिल जायेंगे। ऐसे लोगों पर तरस आने के बजाय ऊपर वाले पर गुस्सा आता है कि शैतान के रूप में ऐसे लोगों को इंसान का रूप देकर क्यों धरती पर भेजा।

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